Crime News कटनी जिले से साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुरैनी स्थित जेपीवीडीएवी स्कूल एक संगठित साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) का शिकार हो गया है, जिसमें स्कूल के अकाउंट से ₹11.33 लाख रुपये फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।
इस घटना ने न सिर्फ स्कूल प्रबंधन बल्कि बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि बैंक ने इस ट्रांजैक्शन को रोकने के लिए कुछ खातों पर होल्ड लगा दिया है।
🏫 कैसे हुआ धोखाधड़ी का खुलासा?
स्कूल प्राचार्य एस.के. सिन्हा के अनुसार, स्कूल को कुछ सप्लायर्स और कर्मचारियों को पेमेंट करना था। इसके लिए स्कूल प्रबंधन ने एक एक्सेल शीट तैयार की, जिसमें सभी लाभार्थियों के बैंक खातों की जानकारी थी।
यह एक्सेल शीट ईमेल के जरिए एक्सिस बैंक को भेजी गई थी। इसके साथ ही पेमेंट की प्रक्रिया पूरी करने के लिए चेक और हार्ड कॉपी भी बैंक को सौंपी गई थी।
लेकिन इसी दौरान किसी अज्ञात हैकर ने उस एक्सेल शीट को हैक कर लिया और उसमें लिखे गए बैंक अकाउंट नंबर बदल दिए।
💸 बैंक ने बिना जांच के ट्रांसफर कर दिए पैसे
हैरानी की बात यह रही कि बैंक अधिकारियों ने ईमेल से भेजी गई हैक की गई एक्सेल शीट को ही आधार मानकर पेमेंट प्रोसेस कर दिया।
- बैंक ने हार्ड कॉपी और चेक में दी गई जानकारी से मिलान नहीं किया।
- एक्सेल शीट में बदल दिए गए अकाउंट नंबर पर ही पेमेंट कर दिया।
- नतीजा यह हुआ कि ₹11,33,000 रुपये दिल्ली और अन्य शहरों के फर्जी खातों में ट्रांसफर हो गए।
🚨 स्कूल प्रबंधन की शिकायत और पुलिस की कार्रवाई
जब स्कूल को इस गड़बड़ी का पता चला तो प्राचार्य एस.के. सिन्हा ने तुरंत कुठला थाने में शिकायत दर्ज कराई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP संतोष कुमार डहरिया) ने बताया कि—
👉 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
👉 पुलिस की साइबर सेल इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
👉 संबंधित फर्जी खातों का पता लगाया जा रहा है।
🏦 बैंक प्रबंधन ने दी सफाई
एक्सिस बैंक प्रबंधक शैलेन्द्र ताम्रकार ने माना कि यह घटना बैंकिंग सिस्टम में हुई चूक की वजह से हुई। उन्होंने कहा—
- “अज्ञात हैकर ने अकाउंट नंबर में हेरफेर किया।
- फिजिकल एक्सेल शीट और मेल की गई एक्सेल शीट में अंतर था।
- बैंक की ओर से मिलान न करने की वजह से यह त्रुटि हुई।
- हमने संबंधित फर्जी खातों पर होल्ड लगवा दिया है।
- पूरे मामले की शिकायत आरबीआई से की गई है।”
🔍 साइबर फ्रॉड की यह नई चाल
यह घटना इस बात का बड़ा उदाहरण है कि साइबर अपराधी कितने चालाक और तकनीकी रूप से सक्षम हो चुके हैं।
- पहले हैकर्स व्यक्तिगत खातों और UPI लेनदेन को निशाना बनाते थे।
- अब वे संस्थानों और बैंकों के बीच होने वाले बड़े पेमेंट को टारगेट कर रहे हैं।
- हैकिंग के जरिए फाइल्स (Excel/Word/PDF) को बदलना और फिर गलत खातों में पैसा ट्रांसफर कराना नई तकनीक है।
👮 पुलिस की चुनौतियां
इस मामले में पुलिस के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं—
- पैसा देश के अलग-अलग हिस्सों के खातों में ट्रांसफर हुआ है।
- उन खातों के पीछे कौन लोग हैं, यह पता लगाना मुश्किल है।
- कई बार ऐसे खातों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए खोला जाता है।
फिर भी पुलिस का कहना है कि साइबर सेल और तकनीकी टीम लगातार इस पर काम कर रही है।
📢 आम लोगों के लिए सबक
यह घटना बताती है कि अगर बड़े संस्थान और बैंक भी साइबर फ्रॉड से सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोग भी सतर्क रहें।
- बैंकिंग लेनदेन करते समय हमेशा डबल वेरिफिकेशन करें।
- ईमेल के जरिए आए लिंक या डॉक्यूमेंट को खोलते समय सावधानी बरतें।
- किसी भी पेमेंट से पहले जानकारी को क्रॉस चेक करें।
- बैंक को लिखित और डिजिटल डॉक्यूमेंट्स का मिलान करना बेहद जरूरी है।
📌 मुख्य बिंदु (Bullet Points)
- कटनी के जेपीवीडीएवी स्कूल से साइबर फ्रॉड में ₹11.33 लाख रुपये चोरी
- हैकर्स ने बैंक को भेजी गई एक्सेल शीट हैक कर अकाउंट नंबर बदल दिए
- बैंक ने बिना मिलान किए फर्जी खातों में पैसा ट्रांसफर कर दिया
- पुलिस ने साइबर क्राइम और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की
- बैंक ने खातों पर होल्ड लगाया और RBI से शिकायत की
- घटना ने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल उठाए
📍 निष्कर्ष
कटनी का यह मामला सिर्फ एक स्कूल की धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि यह पूरे बैंकिंग सिस्टम और साइबर सुरक्षा के लिए चेतावनी है। जिस तरह से हैकर्स ने बैंक और स्कूल दोनों को चकमा देकर लाखों रुपये निकाल लिए, वह दिखाता है कि साइबर अपराध अब और खतरनाक होता जा रहा है।
पुलिस और बैंकिंग सिस्टम को मिलकर इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए और भी सख्त कदम उठाने होंगे।





