कटनी। शहर के एक प्रतिष्ठित कपड़ा व्यापारी द्वारा अपने ही कर्मचारी के नाम पर फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाकर करोड़ों रुपये के ऑनलाइन सट्टे का काला कारोबार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य सरगना योगेश बजाज सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से साढ़े पांच लाख रुपये नगद और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने शनिवार को कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ग्राम जुहली निवासी अमित दाहिया (29) ने माधवनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। अमित, नई बस्ती स्थित बॉम्बे ब्यूटीफुल साड़ी सेंटर में काम करता है। उसने आरोप लगाया कि दुकान के मालिक योगेश बजाज ने व्यापारिक लेन-देन का झांसा देकर उसके नाम से बंधन बैंक, HDFC और IDBI बैंक में कुल चार खाते खुलवाए थे। योगेश ने इन खातों की पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए थे और अमित की आईडी पर ली गई सिम का उपयोग कर वह खुद ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर रहा था।
करोड़ों का ट्रांजैक्शन और हवाला कनेक्शन
पुलिस की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपी योगेश बजाज के पास से जब्त खातों के विश्लेषण में पाया गया कि बंधन बैंक के खाते से लगभग 1.09 करोड़ रुपये। HDFC के दो खातों से लगभग 1.04 करोड़ रुपये। IDBI बैंक के खाते से करीब 59 लाख रुपये का लेन-देन किया गया।
कुल मिलाकर आरोपी ने स्वयं और अन्य व्यक्तियों के खातों के माध्यम से लगभग 3 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपये का अवैध लेन-देन किया है। पकड़े गए आरोपी छत्तीसगढ़ के कांकेर निवासी मनीष और रोहित से 20% कमीशन पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे की मास्टर आईडी लेकर कटनी में सट्टा संचालित कर रहे थे।
हवाला के जरिए ठिकाने लगता था पैसा
पूछताछ में खुलासा हुआ कि जब सट्टे की रकम बड़ी मात्रा में जमा हो जाती थी, तो योगेश बजाज इसे मनीष और रोहित को हवाला के जरिए भेजता था। व्हाट्सएप पर आने वाले नोट के नंबरों का मिलान कर हवाला की राशि का आदान-प्रदान किया जाता था। इस काम में संत नगर निवासी तरुण मोटवानी भी शामिल था, जो कमीशन के बदले अलग-अलग खातों से रकम ट्रांसफर करवाता था।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस ने अब तक योगेश बजाज, तरुण मोटवानी और अवधेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से 5 लाख 52 हजार रुपये नगद, 03 चेक बुक, 03 एटीएम कार्ड, 01 पासबुक और आरोपी का मोबाइल फोन।
मोबाइल में सट्टे के हिसाब-किताब वाले कई संदिग्ध चैट ग्रुप्स मिले हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
माधवनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 319(2) और पब्लिक गैंबलिंग एक्ट की धारा 4(क) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरोह के अन्य सदस्य मनीष, रोहित और चार अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस का मानना है कि इस मामले में अभी और भी कई सफेदपोश चेहरों के नाम सामने आ सकते हैं।





