कटनी। कटनी जिले के बड़वारा जनपद कार्यालय में एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है, जिसने हड़कंप मचा दिया है। जनपद कार्यालय से ग्राम सचिवों की करीब एक करोड़ 80 लाख रुपये की न्यू पेंशन स्कीम (NPS) की राशि उनके खातों में जमा नहीं की गई है। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद जनपद के 60 ग्राम सचिवों की चिंता बढ़ गई है और उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब हाल ही में सेवानिवृत्त हुए ग्राम सचिव नारायण सोनी ने कलेक्टर को एक लिखित शिकायत सौंपी। सोनी ने बताया कि वो 30.06.2024 को बड़वारा जनपद कार्यालय से सेवानिवृत्त हो गए थे और मध्य प्रदेश सरकार की अंशदायी पेंशन योजना (NPS) के तहत पात्रता रखते हैं। हालांकि, सेवानिवृत्ति को एक वर्ष बीत जाने के बावजूद भी उनके NPS खाते में अंशदायी पेंशन योजना की राशि जमा नहीं हुई है।
सेवानिवृत्त सचिव नारायण सोनी ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जिले के अन्य सभी जनपद कार्यालयों में ग्राम सचिवों की NPS राशि बाकायदा काटी जा रही है और उनके खातों में जमा भी हो रही है, लेकिन बड़वारा जनपद कार्यालय ही एक अपवाद है। यहां वर्ष 2022 से लेकर अब तक 60 सचिवों के खातों से NPS की राशि तो नियमित रूप से काटी जा रही है, मगर उनके NPS खातों में जमा नहीं कराई जा रही है।
शासन के सख्त निर्देश हैं कि राशि काटने के तुरंत बाद संबंधित सचिवों के NPS खाते में राशि को ट्रांसफर करना अनिवार्य है, लेकिन बड़वारा में इन निर्देशों का खुला उल्लंघन किया गया है।
31 जुलाई 2025 को बड़वारा जनपद कार्यालय में पदस्थ सचिव सेवानिवृत हुए रंजीत सिंह ने बताया कि रिटायरमेंट के बाद अंशदायीं पेंशन योजना ही जीवन यापन करने का मात्र एक जरिया था लेकिन उसकी राशि मिलते नजर नहीं आ रही है मैं जनपद कार्यालय से लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय में कई बार शिकायत करते हुए एनपीएस की राशि दिलाए जाने की मांग की है लेकिन आज तक कुछ हासिल नहीं हुआ मेरी मांग है कि जल्द से जल्द एनपीएस की राशि खाते में डाली जाए।
30 जनवरी 2024 को विलायत कला ग्राम पंचायत में पदस्थ सचिव मैकूलाल चौधरी का रोड एक्सीडेंट होने के बाद उनकी मृत्यु हो गई तब से आज तक उनके पुत्र आशीष चौधरी एनपीएस की राशि लेने के लिए जनपद कार्यालय से लेकर जिला पंचायत कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं आशीष ने बताया कि कई बार एनपीएस राशि प्राप्त करने के लिए आवेदन दिए गए लेकिन राशि का कहीं पता नहीं चल रहा है कि कहां गई हर बार खाते में डाल देने का आश्वासन बस दिया जाता है आशीष ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद हमारा अब कोई सहारा नहीं है एनपीएस की राशि मिल जाती तो छोटे भाई बहनों की पढ़ाई के काम आ जाएगी।
₹1.80 करोड़ की राशि गई कहाँ?
ग्राम सचिवों के मुताबिक, प्रति कर्मचारी की कुल NPS राशि (कर्मचारी और सरकारी अंश मिलाकर) लगभग दो लाख रुपये बनती है। 60 सचिवों की यह राशि उनके खाते में जमा न किए जाने के कारण, सचिवों ने लगभग एक करोड़ 80 लाख रुपये (1,80,00,000 ) की हेरा-फेरी होने का गंभीर आरोप लगाया है।
सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि बड़वारा जनपद कार्यालय द्वारा ग्राम सचिवों की राशि हर माह काटी गई, लेकिन वह पैसा किस खाते में गया और उसका उपयोग कहाँ हुआ, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
क्या है अंशदायी पेंशन योजना
मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2021-22 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के ग्राम सचिवों के लिए अंशदायी पेंशन योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत:
ग्राम सचिव के वेतन से 10\% की कटौती की जाती है। सरकार द्वारा 14\% का अनुदान दिया जाता है। यह कुल राशि (24\%) कटौती के तुरंत बाद सचिव के NPS खाते में जमा की जाती है।
इस संबंध सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर जिला मुख्य कार्यपालन कटनी ने बताया कि आपके माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है किन कारणों से राशि जमा नहीं की गई है इसकी जांच कराई जाएगी।





