बुरहानपुर। शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। बुरहानपुर में पहली बार वक्फ कमेटी ने लोगों की सुविधा के लिए डेड बॉडी फ्रीजर खरीदा है। यह फ्रीजर एमागिर्द वक्फ कब्रिस्तान कमेटी ने करीब 1 लाख 20 हजार रुपये खर्च कर खरीदा और इसे शाही जामा मस्जिद कमेटी को सौंप दिया।
अब अगर किसी को फ्रीजर की ज़रूरत होगी, तो वह सीधे शाही जामा मस्जिद कमेटी से ले सकेगा। इस पहल से उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अपने स्वजन की मौत के बाद शव को सुरक्षित रखने के लिए घंटों तक फ्रीजर की तलाश करनी पड़ती थी।
✨ क्यों खरीदा गया फ्रीजर?
अक्सर शहर में जब किसी की मृत्यु होती थी और शव को सुरक्षित रखना जरूरी होता था, तो परिवारजन परेशान हो जाते थे।
- फ्रीजर मिलने में देरी होती थी।
- कई बार आसपास उपलब्ध ही नहीं होता था।
- निजी तौर पर उपलब्ध फ्रीजर के लिए मोटी रकम भी चुकानी पड़ती थी।
इन समस्याओं को देखते हुए एमागिर्द कब्रिस्तान कमेटी ने आगे आकर यह कदम उठाया।
💰 पैसे कहां से आए?
वक्फ कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि यह फ्रीजर कब्रिस्तान की जमीन से मिलने वाली किरायेदारी की राशि से खरीदा गया है।
- पुराने किरायेदारों से भी राशि वसूली गई।
- साथ ही कब्रिस्तान कमेटी के अध्यक्ष शेख फरीद ने कमेटी की अन्य जमा राशि भी मिलाई।
इसी तरह से कुल रकम जोड़कर 1.20 लाख रुपये का यह डेड बॉडी फ्रीजर खरीदा गया।
📍 शाही जामा मस्जिद में रहेगा फ्रीजर
यह फ्रीजर शहर के बीचोंबीच स्थित शाही जामा मस्जिद को दिया गया है।
- यहां से लोगों को आसानी से फ्रीजर मिल सकेगा।
- किसी भी परिवार को शव को सुरक्षित रखने की ज़रूरत होगी तो मस्जिद कमेटी से संपर्क करना होगा।
चूंकि शाही जामा मस्जिद केंद्रीय स्थान पर है, इसलिए शहर के हर हिस्से से यहां पहुंचना आसान रहेगा।
🗣️ नेताओं और कमेटी की प्रतिक्रिया
बुधवार शाम को हुए कार्यक्रम में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष अजहर उल हक और वक्फ कमेटी के शेख फारूख ने कहा –
“एमागिर्द कब्रिस्तान कमेटी ने समाज की जरूरत को समझते हुए यह कदम उठाया है। फ्रीजर मिलने से लोगों को काफी सुविधा होगी और मौत के समय जो परेशानी होती थी, उससे राहत मिलेगी।”
❤️ समाज के लिए राहत की पहल
यह कदम सिर्फ एक मशीन खरीदने का नहीं है, बल्कि इंसानियत और समाजसेवा की मिसाल है।
- कई बार किसी की मृत्यु होने पर शव को दूर से आने वाले रिश्तेदारों का इंतजार करना पड़ता है।
- गर्मी या मौसम के कारण शव को लंबे समय तक रखना मुश्किल होता है।
अब बुरहानपुर के लोगों को इस समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा।
🕌 वक्फ कमेटी की सामाजिक भूमिका
वक्फ कमेटी सिर्फ कब्रिस्तान और मस्जिदों के प्रबंधन तक सीमित नहीं है।
- समय-समय पर समाज की ज़रूरतों के लिए भी कदम उठाती है।
- फ्रीजर की खरीद इसका ताजा उदाहरण है।
- इससे यह संदेश भी गया कि कमेटियां अगर समाज की मूलभूत ज़रूरतों पर ध्यान दें, तो लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
🌍 बुरहानपुर में पहली बार
यह पहली बार है जब बुरहानपुर शहर में वक्फ कमेटी ने डेड बॉडी फ्रीजर खरीदा और सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया।
- पहले यह सुविधा बहुत सीमित थी।
- अब यह सबके लिए आसान होगी।
इस पहल से उम्मीद है कि शहर के दूसरे सामाजिक और धार्मिक संगठन भी आगे आएंगे और ऐसी सुविधाओं का विस्तार करेंगे।
📌 आगे की योजनाएं
कमेटी के सूत्रों का कहना है कि आने वाले समय में और भी सुविधाएं शुरू करने की योजना है।
- जरूरत पड़ने पर दूसरा फ्रीजर भी खरीदा जा सकता है।
- कब्रिस्तान और मस्जिद के रख-रखाव पर भी खास ध्यान दिया जाएगा।
🗝️ निष्कर्ष
बुरहानपुर में वक्फ कमेटी द्वारा खरीदा गया यह डेड बॉडी फ्रीजर उन परिवारों के लिए राहत की सांस है, जिन्हें अपनों के निधन के बाद शव को सुरक्षित रखने में भारी परेशानी होती थी। अब शाही जामा मस्जिद से आसानी से फ्रीजर उपलब्ध हो सकेगा। यह कदम समाज में एक सकारात्मक संदेश भी देता है कि जब संगठन और कमेटियां जिम्मेदारी समझें, तो जनता को बड़ी राहत मिल सकती है।





