कटनी। संविधान दिवस के पावन अवसर पर, पुलिस की प्रताड़ना से त्रस्त एक आदिवासी किसान परिवार ने कटनी पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। परिवार की मुख्य मांग अनावश्यक रूप से परेशान करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उनकी विवादित जमीन से विरोधी का कब्जा हटवाकर उन्हें सम्मानपूर्वक वापस दिलाने की है।
बुवाई की तैयारी के दौरान 112 वाहन ने रोका काम
धरने पर बैठे ग्राम पंचायत मतवार पड़रिया जटवारा गांव थाना कुठला निवासी सुकराती पिता जौहर गौड़ (उम्र 75 वर्ष) ने बताया कि उनकी जमीन का मामला उनके भतीजे अशोक गौड़ के साथ न्यायालय में विचाराधीन है।
फरियादी ने आरोप लगाया कि जब वे अपनी गेहूं की फसल उगाने की तैयारी कर रहे थे, तभी 14 अक्टूबर को कुठला थाने का 112 वाहन उनके खेत पर पहुंचा। 112 वाहन में तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें खेत में बुवाई न करने की सख्त हिदायत दी। किसान सुकराती गौड़ का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने यहीं नहीं रुके, बल्कि उन्होंने गांव के सरपंच और ट्रैक्टर मालिकों को भी स्पष्ट रूप से कह दिया कि “इसका खेत कोई भी ट्रैक्टर चालक नहीं जोतेगा।”
पुलिस प्रताड़ना से खेत में अनाज उगाने में असमर्थ
सुकराती गौड़ का कहना है कि पुलिस की इस बेवजह दखलंदाजी के कारण वह अपने ही खेत में अनाज उगाने में पूरी तरह असमर्थ हो गए हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से भी की, लेकिन उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। पुलिसकर्मियों की वजह से मैं अपने ही खेत पर अनाज उगाने में असमर्थ हूँ।” फरियादी और उनका परिवार मांग कर रहे हैं कि जब तक अनावश्यक रूप से प्रताड़ित करने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती और उन्हें उनकी जमीन पर ससम्मान कब्जा नहीं दिलाया जाता, तब तक वे पूरे परिवार के साथ यहीं धरने पर बैठे रहेंगे।
थाना प्रभारी ने दी न्यायालय जाने की सलाह
सुबह से धरने पर बैठे आदिवासी परिवार की सुध लेने कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा शाम को मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को समझाने का प्रयास किया और उन्हें धरना प्रदर्शन समाप्त कर, न्यायालय की शरण में जाने की सलाह दी।
हालांकि, पीड़ित परिवार अपनी मांगों पर पूरी तरह अडिग रहा और उन्होंने धरना समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया।
इस संबंध में जब कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि यह मामला एक पारिवारिक जमीनी विवाद से संबंधित है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस सिर्फ दोनों पक्षों के बीच किसी भी संभावित झगड़े या अप्रिय स्थिति को शांत करने के उद्देश्य से मौके पर पहुंची थी।





