कटनी: शहर की दुबे कॉलोनी स्थित आदियोगी मंदिर परिसर मे आज सुबह एक लगभग पाँच फीट लंबा और अत्यंत जहरीला कोबरा (नाग) घायल अवस्था में दिखाई देने से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई थी। आज सर्प विशेषज्ञ और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से कोबरा को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया, लेकिन सिर पर गंभीर चोट होने के कारण उसे उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए जबलपुर रेफर करने की सलाह दी गई है
मंदिर के आसपास दो दिनों तक इस विशाल और जहरीले कोबरा की मौजूदगी ने कॉलोनी वासियों को भयभीत कर दिया था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, स्थानीय लोगों ने तत्काल सर्प विशेषज्ञ अमित श्रीवास को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही, अमित श्रीवास मौके पर पहुँचे और बिना समय गंवाए घायल कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया। यह सुनिश्चित किया गया कि रेस्क्यू के दौरान न तो कोबरा को और चोट पहुंचे और न ही आस-पास के लोग खतरे में पड़ें।
तत्काल प्राथमिक उपचार
रेस्क्यू के बाद, अमित श्रीवास ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग की टीम ने घायल कोबरे को तुरंत कटनी पशु चिकित्सालय पहुँचाया।
पशु चिकित्सालय में सिविल सर्जन डॉ. सुमंत वर्मा ने बताया कि कोबरा की हालत गंभीर थी। उसके सिर पर एक गहरी चोट लगी थी, जो प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि वह किसी वाहन से कुचलने के कारण लगी होगी। चोट इतनी गंभीर थी कि उसका एक दांत टूट गया है और एक आँख भी क्षतिग्रस्त हो गई है।
डॉ. वर्मा ने जानकारी दी, हमने कोबरा को स्थिर करने के लिए तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया। चोट की गंभीरता और विशेष देखभाल की आवश्यकता को देखते हुए, हमने उसे बेहतर और विशिष्ट चिकित्सा सुविधा के लिए वन विभाग को जबलपुर रेफर करने की सलाह दी।
इस संबंध में डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि वन विभाग की टीम ने कोबरा को सुरक्षित संरक्षण में रखा है सर्प को चोट कैसे इसकी जांच कराई जा रही है





