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साइबर फ्रॉड का बड़ा खुलासा: सराफा कारोबारी से ठगी के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार।

On: November 2, 2025 9:02 PM
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साइबर फ्रॉड
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कटनी। कटनी कोतवाली पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड के मामले की गुत्थी सुलझाते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ये आरोपी सराफा कारोबारी अरुण कुमार गोयनका के साथ लाखों रुपए की ऑनलाइन ठगी की वारदात में शामिल थे। आरोपियों की पहचान रवि पाहूजा और रवि रावलानी के रूप में हुई है। पुलिस अब इन दोनों से गहन पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
​ऐसे शुरू हुआ मामला: खाते में होल्ड, व्यवसाय प्रभावित
​मामले का खुलासा तब हुआ जब सराफा कारोबारी अरुण कुमार गोयनका सराफा बाजार निवासी ने पुलिस अधीक्षक कटनी से शिकायत आवेदन दिया। गोयनका ने बताया कि उनके एयू बैंक, बरगवां कटनी के खाते में ₹4 लाख की राशि पर होल्ड लगा दिया गया है, जिससे उनका व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
​पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया और साइबर से को जांच के निर्देश दिए। साइबर सेल ने पता लगाया कि यह होल्ड रितिक कुमार पटेल निवासी- बरही, ढीमरखेड़ा, कटनी के कहने पर लगाया गया है।

​अरुण गोयनका से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि संगीता ज्वेलर्स, माधवनगर कटनी के संचालक रवि पाहूजा ने 18 सितंबर 2025 को रितिक पटेल को 457.06 ग्राम शुद्ध सोना दिया था, जिसकी कीमत ₹51 लाख 80 हजार 800 रुपए थी। इस सोने के बिल रितिक पटेल के नाम पर थे, लेकिन रितिक ने खाते पर होल्ड लगाने की बात से साफ इनकार कर दिया।

​रवि पाहूजा से पूछताछ करने पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। पाहूजा ने बताया कि उसका ग्राहक रवि रावलानी है, जो फिनो बैंक का डिस्ट्रीब्यूटर है और पहले कटनी में फिनो बैंक का कियोस्क चलाता था।
​रवि रावलानी ने पाहूजा को बताया कि टेलीग्राम के जरिए किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके फिनो बैंक मर्चेंट आईडी के खातों में तीन अलग-अलग किश्तों में कुल ₹88 लाख की राशि ऑनलाइन भेजी है। ये खाते कुलदीप मलिक, संजय कुमार और रितिक पटेल के नाम पर थे, जिन्हें रवि रावलानी स्वयं चलाता था।

​पैसा भेजने वाले साइबर ठग ने रवि रावलानी से कहा था कि इन पैसों को कैश करके यूएसडीटी (USDT) क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर उसे भेज दें। इसके बदले रावलानी को 6 प्रतिशत कमीशन देने का वादा किया गया था। रवि पाहूजा ने रावलानी को सलाह दी कि इन पैसों को गोयनका ज्वेलर्स के खाते में डलवाकर शुद्ध सोना खरीद लिया जाए, और फिर उस सोने को बेचकर नगद रकम से यूएसडीटी खरीदकर साइबर ठग को भेज दिया जाएगा।
इस सौदे में रवि रावलानी को 3 प्रतिशत कमीशन मिलना तय हुआ, और सोना खरीदने वाले को भी 0.5 प्रतिशत कमीशन देने पर सहमति बनी।
​​18 सितंबर 2025 को गोयनका ज्वेलर्स के मालिक अरुण गोयनका से सौदा तय हुआ।
​19 सितंबर 2025 को गोयनका ज्वेलर्स से आधी राशि का सोना खरीदा गया और उसी दिन सराफा बाजार की सांई आर्नामेंट ज्वेलरी की दुकान में बेचकर नगद पैसा ले लिया गया।
​23 सितंबर 2025 को बाकी बची राशि का सोना खरीदा गया और उसे सांई आर्नामेंट और लालचंद भीखचंद की ज्वेलरी की दुकान में बेचकर नगद रकम प्राप्त की गई।
​कमीशन काटने के बाद, रवि पाहूजा और रवि रावलानी ने बची हुई राशि को यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में कन्वर्ट करके उसी खाते में भेज दिया, जिससे उन्हें पैसा मिला था।
​रवि रावलानी ने भी पूछताछ में यही जानकारी दी, लेकिन दावा किया कि जिस व्यक्ति ने उसके खाते में पैसा डाला था, वह उसे जानता-पहचानता नहीं है।
​अरुण कुमार गोयनका की शिकायत पर थाना कोतवाली कटनी में अपराध क्रमांक 919/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी/छल), 319(2) (प्रतिरूपण द्वारा छल) और 316(2) (आपराधिक न्यास भंग) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
​पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी रवि पाहूजा और रवि रावलानी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की टेक्निकल टीम अब उन साक्ष्यों को एकत्रित कर रही है, जिनसे यह पता चल सके कि किस अज्ञात साइबर ठग ने यह पैसा रवि रावलानी के खातों में भेजा था। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस अन्य संभावित पहलुओं पर भी जांच कर रही है।

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