कटनी। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेल्ट घाट इलाके में गुरुवार की शाम खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) के जवानों पर नशे की हालत में स्थानीय निवासियों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और अवैध हथियार से धमकाने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के दो अलग-अलग वीडियो सामने आये है जिसमें जवान सरेआम गुंडागर्दी करते नजर आ रहे हैं।
स्थानीय निवासी रीता गोस्वामी ने बताया कि गुरुवार शाम मोहल्ले के बच्चे होली खेल रहे थे। इसी दौरान जीआरपी थाने में पदस्थ आरक्षक अभिषेक सिंह नशे की हालत में वहां पहुंचा और बिना किसी कारण बच्चों को गंदी-गंदी गालियां देने लगा। आरोप है कि आरक्षक ने बच्चों को डराने के लिए अवैध हथियार (कट्टा) होने की बात कही और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
आरपीएफ जवान के साथ लौटकर की बेरहमी से मारपीट
रीता गोस्वामी के अनुसार, विवाद बढ़ने पर अभिषेक सिंह वहां से चला गया, लेकिन कुछ ही देर बाद वह आरपीएफ थाने में पदस्थ जवान मनीष प्यासी और अन्य पुलिसकर्मियों को अपने साथ लेकर वापस आया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आरपीएफ जवान मनीष प्यासी ने आते ही रीता के भाई शिव बाबू गोस्वामी को पीटना शुरू कर दिया। जब महिलाएं बीच-बचाव करने पहुंचीं, तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी बेरहमी से मारपीट की।
अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर गुंडागर्दी
बेल्ट घाट के निवासियों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका जीआरपी या आरपीएफ के कार्यक्षेत्र में नहीं आता है। इसके बावजूद जवानों ने मोहल्ले में घुसकर उत्पाद मचाया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जवान पूरी तरह नशे में धुत थे।
रात 11 बजे तक बिठाया, नहीं दर्ज की FIR
पीड़ित महिला का आरोप ही कि उन्हें रात 11 बजे तक कोतवाली थाने में बिठाकर रखा गया, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उल्टा उन्हें डरा-धमकाकर वापस भेज दिया गया। पीड़ित परिवार निष्पक्ष जांच और आरोपी जवानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इस पूरे मामले में रेल पुलिस के अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास नजर आ रहा है
जीआरपी थाना प्रभारी जी.पी. कश्यप का कहना है कि आरक्षक अभिषेक सिंह ड्यूटी से घर जा रहा था, तभी कुछ लोगों ने उसे रोककर उसके साथ मारपीट की। वह जिला अस्पताल में भर्ती है। हालांकि, उन्होंने मामले की जांच करने की बात कही है।
आरपीएफ थाना प्रभारी: एक अन्य वीडियो जिसमें मनीष प्यासी गाली देते नजर आ रहे हैं, उसे लेकर आरपीएफ प्रभारी का कहना है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति उनके स्टाफ का नहीं है।
वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि जीआरपी आरक्षक अभिषेक सिंह युवकों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा है और सरकारी/निजी सामान (कट्टा) का डर। दूसरे वीडियो में कथित तौर पर आरपीएफ जवान सरेआम धमकियां देता दिखाई दे रहा है।





