कटनी। कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील में गेंहू खरीदी के लिए जारी पंजीयन प्रक्रिया तकनीकी खामियों की भेंट चढ़ गई है। सर्वर की सुस्त चाल और गिरदावली में हुए विलंब ने क्षेत्र के किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है। आलम यह है कि किसान सुबह से शाम तक सोसाइटियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पोर्टल न खुलने के कारण वे खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।
पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च निर्धारित है, जबकि बीच में होली का त्योहार होने के कारण सरकारी कामकाज और सर्वर पर दबाव और बढ़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते पंजीयन नहीं हुआ, तो क्षेत्र के हजारों किसान अपनी उपज औने-पौने दामों पर बिचौलियों को बेचने पर मजबूर हो जाएंगे।
ढीमरखेड़ा समिति के सहायक प्रबंधक संजय पांडे ने स्वीकार किया कि सर्वर की समस्या केवल एक केंद्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी तहसील की समितियों में यही स्थिति बनी हुई है। किसानों ने अब सीधे मुख्यमंत्री मोहन यादव और कलेक्टर आशीष तिवारी से गुहार लगाई है कि पंजीयन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जाए।
सर्वर की तकनीकी बाधाओं को तत्काल दूर किया जाए।
त्योहार के मद्देनजर विशेष काउंटर या समय की व्यवस्था की जाए।
किसानों का कहना है कि गिरदावली पहले ही देरी से हुई है, और अब तकनीकी खराबी उनके भविष्य पर भारी पड़ रही है। यदि शासन ने तिथि नहीं बढ़ाई, तो ढीमरखेड़ा क्षेत्र के हजारों किसान उपार्जन केंद्र में अपनी फसल बेचने से वंचित रह जाएंगे।





