कटनी। जिले के विजयराघवगढ़ थाना अंतर्गत आने वाले ग्रामों में अवैध शराब के फलते-फूलते कारोबार ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। आज कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्राम कारीतलाई निवासी अभय उरमलिया पिता विजय उरमलिया ने कलेक्टर के नाम एक लिखित शिकायत सौंपते हुए क्षेत्र में सक्रिय शराब माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोला है। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है, वहीं पुलिस प्रशासन भी इस मामले में मूकदर्शक बना हुआ है।
शिकायतकर्ता अभय उरमलिया ने बताया कि ग्राम कारीतलाई, बम्हौरी, टीकर और परमवारा में आशीष शिवहरे, सन्नी शिवहरे और रोहित मिश्रा द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध शराब बेची जा रही है। पीड़ित का दावा है कि आरोपियों के पास विजयराघवगढ़ का पैकारी लाइसेंस है, जिसकी आड़ में वे अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब खपा रहे हैं। जब ग्रामीण या शिकायतकर्ता इसका विरोध करते हैं, तो आरोपी गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी पर उतारू हो जाते हैं।
शिकायत मे उल्लेख किया गया है कि पीड़ित ने पूर्व मे 181 सीएम हेल्पलाइन पर भी गुहार लगाई थी। लेकिन माफियाओं का खौफ इतना अधिक है कि आरोपियों द्वारा लगातार दी जा रही धमकियों और दबाव के चलते पीड़ित को वह शिकायत वापस लेनी पड़ी। आरोपियों द्वारा शिकायतकर्ता को झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश रचने की बात भी कही जा रही है।
विजयराघवगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित अपनी गुहार लेकर 11 सितंबर 2025 को विजयराघवगढ़ थाने पहुंचा, तो वहां उसे न्याय मिलने के बजाय अपमानित होना पड़ा। अभय का आरोप है कि थाने के पुलिसकर्मियों ने उसकी शिकायत स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया और उसे डांट-फटकार कर गेट से ही भगा दिया। पुलिस के इस नकारात्मक रवैये से अब ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे है
अवैध शराब माफियाओं के आतंक से त्रस्त होकर अब पीड़ित ने जिला प्रशासन की शरण ली है। आवेदन में मांग की गई है कि अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए और शिकायतकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।





