कटनी। जिला न्यायालय के सामने सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं पर दर्ज हो रहे आपराधिक प्रकरणों और पुलिस की कथित मनमानी के खिलाफ वकीलों ने जबलपुर-कटनी मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान आक्रोशित अधिवक्ताओं ने कटनी पुलिस के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए।
फर्जी मुकदमों से अधिवक्ताओं में रोष
प्रदर्शन कर रहे जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अमित शुक्ला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। शुक्ला ने कहा, कटनी में आए दिन बड़ी वारदातें हो रही हैं और पुलिस अपराधों पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। अपराधियों को पकड़ने में नाकाम पुलिस अब अपनी खींच मिटाने के लिए निर्दोष अधिवक्ताओं को निशाना बना रही है और उन पर फर्जी मुकदमे लाद रही है।
संघ के अध्यक्ष ने हाल ही में अधिवक्ता मनु तिवारी पर दर्ज हुए मामले का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस जानबूझकर द्वेषपूर्ण तरीके से वकीलों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर रही है। अधिवक्ताओं की मांग है कि दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच की जाए और जो अनावश्यक या गलत धाराएं लगाई गई हैं, उन्हें तत्काल खत्म (खात्मा) किया जाए।

विवाद की जड़ पार्किंग से शुरू हुई थी तकरार
विवाद की शुरुआत एनकेजे थाना क्षेत्र के दुबे कॉलोनी से हुई थी। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 9 बजे पार्किंग को लेकर पड़ोसी नितिन चक्रवर्ती और अधिवक्ता मनु तिवारी के वाहन चालक रवि विश्वकर्मा के बीच कहासुनी हुई थी।
इस पर पुलिस ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए होमगार्ड प्लाटून कमांडर के पति अधिवक्ता मनु तिवारी सहित 7-8 अन्य लोगों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिवक्ताओं का मानना है कि पुलिस ने बिना उचित जांच के यह एकतरफा कार्रवाई की है। चक्काजाम के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।





