कटनी। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए सहकारी समिति के विक्रेताओं ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी व्यथा सुनाई। विक्रेताओं ने कलेक्टर आशीष तिवारी के नाम एक लिखित मांग पत्र सौंपते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनका न केवल वेतन कम कर दिया गया है, बल्कि पिछले कई महीनों से भुगतान भी नहीं किया गया है, जिससे उनके सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
सौंपे गए ज्ञापन में विक्रेताओं ने बताया कि पूर्व में उन्हें 10,500 रुपये प्रति माह वेतन दिया जा रहा था। लेकिन, दिसंबर 2025 से प्रबंधन द्वारा बिना किसी ठोस कारण के वेतन घटाकर 8,400 रुपये करने का फरमान सुना दिया गया है। कर्मचारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि वेतन वृद्धि के बजाय इस तरह की कटौती न्यायसंगत नहीं है।
इसके अतिरिक्त, दिसंबर और जनवरी माह का वेतन अब तक लंबित है। वेतन न मिलने के कारण कर्मचारी अपने परिवार का भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं और उनकी स्थिति अत्यंत कष्टमय हो गई है।
विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य शासन की ओर से प्रत्येक समिति को वेतन और अन्य खर्चों के लिए 3 लाख रुपये प्रतिवर्ष का अनुदान प्राप्त हो रहा है। इसके बावजूद जब कर्मचारी अपना हक मांगते हैं, तो समिति प्रबंधक और प्रशासक खाते में राशि न होने या कमीशन कम आने का बहाना बनाकर उन्हें टाल देते हैं।
कर्मचारियों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि समितियों में व्याप्त इस कुप्रबंधन की जांच कराई जाए और उनके लंबित वेतन का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे आगामी कदम उठाने को मजबूर होंगे।





