सतना। शहर के रिहायशी इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे कबाड़ के अवैध गोदाम स्थानीय निवासियों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। कबाड़ गोदामों में पूर्व में हुई विस्फोट की घटनाओं से सबक लेने के बजाय, सतना प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे बैठा है। ताजा मामला शहर के लोटन अखाड़ा, जवान सिंह कॉलोनी का है, जहाँ मिर्जा ट्रेडर्स नामक कबाड़ दुकान घनी आबादी के बीच बेखौफ संचालित हो रही है।
सोमवार को इस मामले में मोहम्मद एजाज युवक ने जिला कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपकर जनहित में दुकान को स्थानांतरित करने की मांग की शिकायतकर्ता का कहना है कि मिर्जा ट्रेडर्स के संचालक द्वारा रिहायशी क्षेत्र में भारी मात्रा में कबाड़ का भंडारण किया जा रहा है। घनी बस्ती होने के कारण स्थानीय लोगों में हर वक्त किसी अनहोनी का डर बना रहता है। कबाड़ के ढेरों में अक्सर पुराने गैस सिलेंडर, केमिकल के डिब्बे और अन्य ज्वलनशील पदार्थ होते हैं। तंग गलियों वाले इस क्षेत्र में यदि कभी आग लगती है, तो दमकल वाहनों का पहुंचना भी मुश्किल होगा, जिससे भीषण जान-माल की हानि हो सकती है। खुले में पड़े कबाड़ से जहरीली गैसों का उत्सर्जन हो रहा है। साथ ही, यहाँ मच्छरों के पनपने और धूल-मिट्टी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। भारी वाहन कबाड़ लादकर संकरी गलियों में घुसते हैं, जिससे घंटों जाम की स्थिति रहती है। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों के लिए दुर्घटना का जोखिम बना रहता है।
नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां
विदित हो कि नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड MPPCB के मानकों के अनुसार, रिहायशी इलाकों में खतरनाक या भारी व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, मिर्जा ट्रेडर्स जैसी व्यावसायिक इकाइयां खुलेआम इन मानकों को ठेंगा दिखा रही हैं।
रिहायशी इलाके में मौत का सामान, कभी भी हो सकता है बड़ा धमाका
On: February 17, 2026 10:57 AM
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