इस पावन अवसर पर परम तपस्वी संत त्यागीजी महाराज ज्ञान तीर्थ के सान्निध्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत एवं ग्रामीण अंचल के लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत आपसी प्रेम, सद्भाव और सौहार्द के साथ हवन पूजन के साथ।
त्यागीजी महाराज की पवित्र तपोभूमि में सकारात्मक ऊर्जा का है भंडार
आश्रम परिसर में सदा आध्यात्मिक वातावरण रहता है उपस्थित, जहाँ हर आयु वर्ग धर्म मार्ग पर चलने वाले पवित्र जन सभी श्रद्धालुओं ने एकत्र होकर भजन किया ।और संत त्यागीजी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर आश्रम में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से सहभागिता की। पाठ के उपरांत भव्य रूप से कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसके पश्चात आश्रम में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम के दौरान परम तपस्वी संत त्यागीजी महाराज ज्ञान तीर्थ द्वारा समाज के वरिष्ठजनों का दीप से आरती पूजन किया गया। उन्होंने सभी वृद्धजनों का स्वागत-सत्कार करते हुए सभी से स्नेह भेंट , जिससे उपस्थित लोगों में विशेष श्रद्धा एवं भावनात्मक वातावरण देखने को मिला।
इसके साथ ही शुभ अवसर पर सेवा कार्य के अंतर्गत जरूरतमंदों को गर्म कपड़ों जैसे मोजे टोपी वितरण भी किया गया। इस सेवा कार्य की सभी उपस्थितजनों ने सराहना की और इसे समाज के लिए पूरी दुनिया को प्रेरणा देने वाला बताया।
अपने उद्बोधन में परम पूज्य त्यागीजी महाराज ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में शिष्टाचार, सद्भाव, संस्कार एवं सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि निरंतर इस प्रकार के आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम और नैतिक मूल्यों की भावना सुदृढ़ होती है।
अंत में त्यागीजी महाराज ने शुभ अवसर पर प्रभु से सभी के मंगलमय भविष्य, सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कार्यक्रम का विधिवत विश्राम किया।
कार्यक्रम में ग्रामीण अंचल सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और सभी ने अपने विचार साझा करते हुए उत्साहपूर्वक आयोजन को सफल बनाया।।
मानव में देवत्व जगाने धरती पर स्वर्ग सजाने लोक मंगल ही परम लक्ष्य
त्यागीजी आश्रम विश्व कल्याण परिवार ज्ञान तीर्थ विलायत कलां कटनी मध्य प्रदेश भारत 7566239315
दुनिया के सबसे पवित्र ज्ञान तीर्थ आश्रम, ज्ञान तीर्थ विलायत कला में अंग्रेजी नववर्ष का पर्व अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीचदिव्य रूप से मनाया गया
On: January 2, 2026 6:34 PM
---Advertisement---





