कटनी। कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के आदिवासी बहुल क्षेत्र ग्राम कोठी के सेहरा टोला से आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन में घोर लापरवाही और अव्यवस्था का एक गंभीर मामला शनिवार को सामने आया है। यहां भवन के अभाव में एक निजी, जर्जर भवन में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे बच्चे जहां मध्यान भोजन कर रहे थे, वहीं उनके ठीक बगल में बकरियां भी भोजन करती पाई गईं। यह दृश्य केंद्र पर कार्यरत कार्यकर्ता और सहायिका की पूर्ण अनुपस्थिति में दिखा, जिसने केंद्र के संचालन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
भवन का अभाव और 2 KM दूर निर्माण
ग्रामीणों ने बताया कि सेहरा टोला के लिए स्वीकृत आंगनबाड़ी भवन को मनमाने ढंग से बैगा मोहल्ले में बनाया जा रहा है, जिसकी दूरी गांव से तकरीबन 2 किलोमीटर है। इतनी अधिक दूरी के कारण छोटे बच्चों का केंद्र तक पहुंचना असंभव है।
ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि भवन की अव्यवस्था और दूरी के चलते आंगनबाड़ी के बच्चों के साथ ही गर्भवती महिलाओं को भी टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सुचारू रूप से नहीं मिल पा रहा है।
पूर्व में बैगा समाज के लोगों द्वारा विरोध किए जाने के बाद विभाग ने भवन का निर्माण दूसरी जगह कराना शुरू किया था। उस समय अधिकारियों ने सेहरा टोला के लोगों को यह आश्वासन दिया था कि मोहल्ले में नवीन आंगनबाड़ी भवन के साथ ही नए सिरे से कार्यकर्ता और सहायिका की नियुक्ति की जाएगी। ग्रामीणों छत्रपाल सिंह के अनुसार, कई माह बीत जाने के बाद भी न तो नवीन भवन बन सका है और न ही नई नियुक्तियां की गई हैं, जिसके कारण यह महत्वपूर्ण केंद्र एक निजी और अनुपयुक्त स्थान पर, स्टाफ के बिना, जैसे-तैसे चल रहा है।
आदिवासी ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन की इस अनदेखी पर रोष व्यक्त किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप कर मांग की है कि सेहरा टोला मोहल्ले में जल्द से जल्द आंगनबाड़ी भवन का निर्माण और केंद्र के लिए कार्यकर्ता और सहायिका की तत्काल नियुक्ति कराई जाए
परियोजना अधिकारी ने लिया संज्ञान सुपरवाइजर को नोटिस
इस लापरवाही की सूचना मिलने पर परियोजना अधिकारी आरती यादव ने तत्काल संज्ञान लिया है।
परियोजना अधिकारी आरती यादव ने शिकायत प्राप्त हुई है। मामले में संबंधित सेक्टर सुपरवाइजर को नोटिस जारी कर दिया गया है।
और मैं स्वयं गांव जाऊंगी और जो भी समस्याएं हैं, उनका निराकरण जल्द से जल्द करवाया जाएगा।





