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भीषण जल संकट: कटनी के सेहरा टोला स्कूल में बच्चे 1 KM दूर से बुझा रहे प्यास

On: December 13, 2025 4:49 PM
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कटनी। एक ओर मध्य प्रदेश सरकार आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के आदिवासी बाहुल्य ग्राम कोठी के आश्रित सेहरा टोला में स्थिति सरकारी स्कूल में बुनियादी सुविधा पानी का भीषण संकट झेल रहा है। इस स्कूल के मासूम बच्चों को अपनी प्यास बुझाने के लिए रोजाना लगभग आधा किलोमीटर दूर स्थित हैंडपंप तक कड़ी मशक्कत करके जाना पड़ रहा है।
​स्कूल में पानी नहीं, बच्चे और शिक्षक परेशान
​ग्रामवासियों ने बताया कि जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में ‘हर घर नल, हर घर जल’ जैसी योजनाएं चल रही हैं, वहीं सेहरा टोला में ये योजनाएँ केवल कागज़ों तक सिमट कर रह गई हैं। स्कूल परिसर में पानी की कोई व्यवस्था न होने के कारण छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के समय या छुट्टी के दौरान पानी लेने के लिए दूर जाना पड़ता है।
​एक ग्रामीण ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, “हमारे गरीब आदिवासी बच्चे स्कूल पढ़ने जाते हैं या पानी भरने? स्कूल में पानी की कमी के कारण वे अक्सर अपनी पढ़ाई छोड़कर पानी लाने में लगे रहते हैं।”
​शौचालय भी बेकार, बदहाल है व्यवस्था
​स्कूल में जल संकट का सीधा असर केवल पीने के पानी पर ही नहीं पड़ रहा है, बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की अनुपलब्धता के कारण स्कूल के शौचालय (प्रधान) भी उपयोग के लायक नहीं बचे हैं। बच्चे और शिक्षक दोनों ही शौच के लिए शौचालयों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य के नियमों का उल्लंघन हो रहा है और बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
राज्यपाल के कार्यक्रम में भी की गई थी शिकायत
​यह समस्या आज की नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में गांव में राज्यपाल के कार्यक्रम के दौरान भी उन्होंने अधिकारियों से इस गंभीर समस्या के बारे में अवगत कराया था। उन्हें उम्मीद थी कि राज्य के मुखिया के सामने शिकायत करने के बाद समस्या का त्वरित समाधान होगा।
​लेकिन, अफसोस शिकायत को कई महीने बीत जाने के बावजूद, अधिकारियों ने इस ओर किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण आज भी नौनिहाल बच्चे बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। यह घटना शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करती है।

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