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जिला खनिज प्रतिष्ठान योजना के ₹54 लाख बर्बाद, हॉकर्स जोन बना ‘कचरा घर, ​नगर निगम की लापरवाही से नहीं लग पाई दुकानें, सड़कों पर पसरी सब्जी मंडी

On: November 30, 2025 3:59 PM
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कटनी। जिले में खनिज संपदा के अंधाधुंध दोहन के बदले में शासन को मिलने वाली बहुमूल्य ‘जिला खनिज प्रतिष्ठान योजना’ (DMF) की राशि का कटनी में जमकर दुरुपयोग किया गया है। स्थानीय नगर निगम की अदूरदर्शी योजना और लचर क्रियान्वयन के कारण, विकास के लिए आवंटित 54 लाख रुपये की बड़ी धनराशि व्यर्थ चली गई है। जिला अस्पताल के समीप आनन-फानन में तैयार किया गया हॉकर्स जोन अब शहर के लिए उपयोगी होने की जगह कचरा घर में तब्दील हो गया है, जिससे योजना का मूल उद्देश्य पूरी तरह विफल हो गया है।
​ 54 लाख का हॉकर्स जोन, उपयोग शून्य
​शहर की सड़कों पर अवैध रूप से लगने वाली सब्जी और फल की दुकानों को व्यवस्थित कर यातायात सुगम बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने जिला खनिज प्रतिष्ठान योजना के तहत जिला अस्पताल के पास एक विशाल हॉकर्स जोन का निर्माण कराया था। इस पर 54 लाख रुपए की भारी भरकम राशि खर्च की गई।
​उद्देश्य शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों और सड़कों पर लगने वाली सब्जी व अन्य छोटी दुकानों को यहाँ स्थानांतरित कर उन्हें एक व्यवस्थित स्थान प्रदान करना था
​ निर्माण के बावजूद यह हॉकर्स जोन पूरी तरह से खाली पड़ा है। निगम की उदासीनता के चलते 54 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी यहाँ चार दुकानें भी नहीं लग पाई हैं।
स्थानीय दुकानदार और होटलों के मालिक इस खाली पड़े स्थान को अब कचरा फेंकने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। हॉकर्स जोन अब एक ‘डंपिंग यार्ड’ जैसा दिख रहा है, जहाँ हर दिन आसपास का कचरा जमा होता जा रहा है।
सड़कों पर कब्जा, निगम हुआ बेबस
​हॉकर्स जोन बनने के बाद भी नगर निगम उन सब्जी विक्रेताओं को यहाँ स्थानांतरित करने में पूरी तरह से विफल रहा, जिनके लिए यह बनाया गया था। इसके परिणामस्वरूप, शहर की अधिकांश प्रमुख सड़कें आज भी अघोषित सब्जी मंडी बनी हुई हैं।
​सड़कों पर पसरी दुकानों के कारण जहाँ एक ओर दिनभर यातायात जाम की समस्या बनी रहती है, वहीं दूसरी ओर राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। निगम के अधिकारी न तो अवैध कब्जों को हटा पा रहे हैं और न ही 54 लाख के व्यवस्थित बाजार का उपयोग सुनिश्चित कर पा रहे हैं।

व्यापारियों का कहना है कि यहां व्यापार के लिए पुख्ता इंतेजामत नहीं है लाइट पानी की सुविधा एवं साफ सफाई न होने से व्यापारी यहां दुकान लगना मुनासिब नहीं समझ रहे है।

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