कटनी। जिले में रबी की फसल की बुवाई के जोर पकड़ने के साथ ही किसानों के लिए यूरिया खाद का संकट गहराता जा रहा है। पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध न होने के कारण अन्नदाता घंटों इंतजार करने के बावजूद भी अपनी जरूरत पूरी नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी खेती अधूरी रहने का खतरा पैदा हो गया है।
शुक्रवार को कटनी के कुठला थाना के सामने स्थित जिला विपणन केंद्र पर खाद वितरण की अव्यवस्था देखने को मिली। विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बरुआ से आए करीब 22 किसानों को सुबह 6 बजे से ही केंद्र पर डेरा डालना पड़ा। लगभग 45 किलोमीटर दूर का सफर तय करके पहुंचे इन किसानों को घंटों इंतजार के बाद भी पर्याप्त यूरिया खाद नहीं मिल पाई।
किसान दिनेश सिंह राजपूत, केशव सिंह, विनोद सिंह राठौड़ और जितेंद्र सिंह राजपूत ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, “हम सुबह 6 बजे से केंद्र में बैठे हैं और अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। यहाँ किसानों को 1 एकड़ में केवल एक ही बोरी यूरिया खाद दी जा रही है।
किसानों का कहना है कि उनकी खेती की आवश्यकता के अनुसार, कम से कम 1 एकड़ में दो बोरी यूरिया खाद की जरूरत होती है। मात्र एक बोरी मिलने से उनकी फसल के लिए जरूरी पोषण पूरा नहीं हो पा रहा है। किसान केशव सिंह ने बताया कि खाद की कमी के कारण उन्हें कई बार कम बोनी करनी पड़ती है, जिससे उपज प्रभावित होती है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों की जरूरत को देखते हुए कम से कम 1 एकड़ में दो बोरी यूरिया खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनकी फसलें खराब न हों और उनकी मेहनत सफल हो सके।
सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में अंतर
जहां एक ओर प्रशासन जिले में पर्याप्त खाद उपलब्ध होने का दावा करता रहा है, वहीं दूसरी ओर विपणन केंद्र पर किसानों को हो रही यह परेशानी सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के बड़े अंतर को दर्शाती है। समय पर खाद न मिलने से किसान मजबूरन महंगे दामों पर निजी दुकानों से खाद खरीदने को विवश हो सकते हैं, जिससे उनकी लागत और बढ़ जाएगी।
रबी फसलों, खासकर गेहूं की बुवाई के इस महत्वपूर्ण चरण में यूरिया की कमी सीधे तौर पर फसल की पैदावार को प्रभावित करेगी। किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि वे इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान दें और बिना देरी के जिला विपणन केंद्र और सहकारी समितियों में यूरिया खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि अन्नदाताओं को राहत मिल सके और उनकी फसलें संकट से उबर सकें।
इस संबंध में आर एन पटेल जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि खाद्य सबको मिल सके इसलिए एक बार मे प्रति एकड़ एक बोरी यूरिया दी जा रही है। अलग-अलग केदो पर जरूरत के हिसाब से किसानों को खाद दी जार ही है।





