कटनी: स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पहचाने जाने वाले कटनी जिला अस्पताल की प्रयोगशाला (लैब) में एक बड़ी लापरवाही और अनियमितता का मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, यहां मरीजों के शुगर (रक्त शर्करा) की जांच के लिए धड़ल्ले से एक्सपायर हो चुकी टेस्ट स्ट्रिप (किट) का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस पूरे मामले का एक वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
लैब में मिली एक्सपायर्ड स्ट्रिप, जांच पर सवाल
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जिला अस्पताल के पैथोलॉजी लैब में मरीजों की रूटीन जांच के दौरान, शुगर टेस्ट के लिए इस्तेमाल की जा रही स्ट्रिप की तारीख निकल चुकी थी। वीडियो में यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि जिस किट का उपयोग किया जा रहा था, वह नियमानुसार उपयोग के लायक नहीं थी। एक्सपायरी किट के इस्तेमाल से हुई जांच के परिणाम भ्रामक और अविश्वसनीय हो सकते हैं, जो सीधे तौर पर मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य को खतरे में डालते हैं।
आरोप है पैथोलॉजी इंचार्ज ने पहले इसे दबाने की पूरी कोशिश की। हालांकि, जब इस एक्सपायरी किट का वीडियो सोशल मीडिया और मीडिया में वायरल हुआ, तो इंचार्ज ने सफाई देते हुए अपनी गलती मानने के बजाय सारा ठीकरा ट्रेनिंग कर रही छात्राओं पर फोड़ दिया।
पैथोलॉजी इंचार्ज ने अपनी सफाई में कहा कि ये छात्राएं सीखने आई हैं और उन्हें किट की एक्सपायरी डेट के बारे में जानकारी नहीं होगी, इसलिए गलती से उन्होंने एक्सपायरी किट उठा ली होगी।
इंचार्ज का यह तर्क नियमों की अनदेखी और प्रबंधन की ढिलाई पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों के अनुसार, एक्सपायर हो चुकी सामग्री को तुरंत डिस्पोज (नष्ट) करने का स्पष्ट नियम है।
इस गंभीर अनियमितता के संबंध में, सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि मामला गंभीर है और इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी।





