कटनी/बाकल। कटनी जिले के बाकल में बुधवार को करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के विरुद्ध बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। 19 अक्टूबर को हुए एक मारपीट की घटना में आरोपियों के विरुद्ध हल्की धाराओं को लेकर करणी सेना ने बाकल-बहोरीबंद मुख्य मार्ग को लगभग दो घंटे तक जाम कर दिया और जमकर नारेबाजी की।
क्या है मामला:
विरोध प्रदर्शन का केंद्र 19 अक्टूबर को बाकल निवासी 22 वर्षीय कुणाल राजपूत के साथ हुई मारपीट की घटना थी। करणी सेना का आरोप है कि आशिम खान और आमिल खान नामक युवकों ने कुणाल राजपूत को सूनसान जगह पर ले जाकर बुरी तरह पीटा था।
पीड़ित के परिजनों ने पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 296, 115(2), 351(2), 225 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

करणी सेना की मांग और विरोध:
करणी सेना के कार्यकर्ताओं का मुख्य विरोध पुलिस द्वारा दर्ज की गई धाराओं की प्रकृति को लेकर था। जिलाध्यक्ष सूर्यपाल सिंह सोलंकी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने मांग की कि आरोपियों के विरुद्ध दर्ज धाराओं को बढ़ाया जाए और उन्हें तत्काल जेल भेजा जाए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर भी अपना विरोध जताया। हालांकि, बाजार बंद होने के कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

दो घंटे चला चक्का जाम:
लगभग पौने दो बजे शुरू हुआ यह सड़क जाम पौने चार बजे तक चला, जिससे बहोरीबंद-सलैया मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया।

प्रशासन की कार्रवाई और आश्वासन:
सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया और एसडीएम राकेश चौरसिया ने प्रदर्शनकारी करणी सेना के पदाधिकारियों से बातचीत की।
एडिशनल एसपी संतोष डेहरिया ने करणी सेना के पदाधिकारियों को बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पुलिस ने करणी सेना की मांग के अनुरूप अब आरोपियों युवकों के विरुद्ध हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) की धारा भी जोड़ दी है।
पुलिस प्रशासन के आश्वासन और समझाने के बाद, करणी सेना ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया और जाम खोल दिया गया, जिसके बाद मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका।





