mp weather update बुरहानपुर जिले सहित आसपास के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर अब ताप्ती नदी पर साफ नजर आने लगा है। मंगलवार सुबह से ही नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिससे राजघाट पर स्थित लाल देव मंदिर और अन्य मंदिर पूरी तरह जलमग्न हो गए।
पानी के बढ़ते स्तर को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। राजघाट पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस जवानों की तैनाती कर दी गई है और आम लोगों के घाट पर जाने पर रोक लगा दी गई है।
🌧️ कैसे बढ़ा ताप्ती का जलस्तर?
पिछले दो दिनों से बुरहानपुर और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने पहले ही जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था।
तेज बारिश का सीधा असर ताप्ती नदी के जलस्तर पर देखा जा रहा है। प्रदेश के बैतूल और अन्य जिलों में भी लगातार हो रही बारिश की वजह से नदी में पानी की मात्रा तेजी से बढ़ी है।
🛑 लाल देव मंदिर समेत कई घाट जलमग्न
राजघाट पर स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले लाल देव मंदिर समेत कई छोटे-बड़े मंदिर पानी में डूब गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ता है, लेकिन इस बार पानी की रफ्तार और स्तर दोनों ज्यादा खतरनाक दिखाई दे रहे हैं।
👮♂️ प्रशासन अलर्ट मोड पर
बढ़ते जलस्तर और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस बल तैनात कर दिया है। घाटों पर जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। नदी के किनारे बैरिकेडिंग की जा रही है और लोगों को नदी के पास जाने से लगातार रोका जा रहा है।
🌩️ मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने पहले ही अनुमान जताया था कि बुरहानपुर और उसके आसपास के इलाकों में अगले 48 घंटे तक भारी बारिश जारी रह सकती है।
- पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश का असर सीधे नदी-नालों पर पड़ रहा है।
- बारिश के कारण गांवों और शहर के निचले इलाकों में भी पानी भरने की आशंका बनी हुई है।
- जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी और नालों के पास जाने से बचें।
🙏 धार्मिक स्थलों पर असर
राजघाट पर बने लाल देव मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों पर हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन अब मंदिर पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं।
स्थानीय पुजारियों ने बताया कि हर साल बारिश में मंदिर का कुछ हिस्सा डूबता है, लेकिन इस बार हालात ज्यादा गंभीर हैं। मंदिर परिसर का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है, जिससे पूजा-पाठ की गतिविधियां रुक गई हैं।
🏞️ स्थानीय लोगों में चिंता
नदी के बढ़ते जलस्तर को देखकर स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। कई लोग घरों से बाहर निकलकर राजघाट की स्थिति देखने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने लोगों को वहां से हटाया।
नदी किनारे रहने वाले लोगों का कहना है कि पानी का बहाव तेज होने के कारण वे काफी डरे हुए हैं। कई परिवारों ने पहले से ही सुरक्षित स्थानों पर जाना शुरू कर दिया है।
📌 मुख्य बिंदु (Bullet Points)
- बुरहानपुर और पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से ताप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा
- राजघाट का लाल देव मंदिर और अन्य मंदिर जलमग्न
- सुरक्षा को देखते हुए घाट पर पुलिस जवान तैनात
- मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
- श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों का प्रवेश बंद किया गया
- स्थानीय लोगों में चिंता और सतर्कता का माहौल
⚠️ प्रशासन की अपील
बुरहानपुर प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के पास न जाएं और अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दल की तैनाती की गई है।
🌍 निष्कर्ष
ताप्ती नदी का बढ़ता जलस्तर सिर्फ धार्मिक स्थलों पर ही असर नहीं डाल रहा, बल्कि यह लोगों की सुरक्षा के लिए भी चुनौती बन गया है। राजघाट पर डूबे मंदिर इस बात का संकेत हैं कि हालात गंभीर हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि लोग प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सावधानी बरतें।





